रमज़ान और ईद से पहले ज़कात — भारत में लाखों परिवार यही वक़्त हिसाब करते हैं।
निसाब और हिसाब
- सोने/चाँदी या नकद पर 2.5%
- एक साल गुज़रने पर
- कर्ज़ घटाकर माल पर
- कैलकुलेटर से जाँच करें
कहाँ दें
मोहल्ले के ज़रूरतमंद, मस्जिद ट्रस्ट, विश्वसनीय एनजीओ — जान-पहचान के बिना भी पहले जाँच करें।
भारत का संदर्भ
गरीब परिवार, इलाज के खर्च, बच्चों की फ़ीस — यहाँ ज़कात का असली असर दिखता है।
ज़कात उनके माल को पाक करती है।
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